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S N Sharma

Romance

4  

S N Sharma

Romance

मैं तुम्हारे वास्ते।

मैं तुम्हारे वास्ते।

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मैं तुम्हारे वास्ते मन चाहता है कुछ भी कर दूं।

मैं फलक से चांद लाऊं सितारों से मांग भर दूं।

तू हमारे ख्वाब की ताबीर है मैं ये मानता हूं।

मन करे है आसमान को तेरे कदमों में बिछा दूं।

प्यार में तेरे सनम परवाना मेरा मन हो गया है।

चलो मेरे साथ उड़कर आसमा तुझको दिखा दूं।

तेरे सुख-दुख हुए मेरे जो मेरा था सब तेरा हुआ।

मैं जमाने की हर खुशी तेरे लिए कुर्बान कर दूं।

जेब से कंगाल हूं मैं खर्च कुछ कर ना सकूंगा।

मन मेरा तब भी कहे है यह ताज तेरे नाम कर दूं।



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