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Suresh Kulkarni

Romance

4  

Suresh Kulkarni

Romance

कुछ तो करो!

कुछ तो करो!

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तेरे लिये 

ओ तेरे लिये

मैंने क्या नहीं किया


नाज उठाये 

नखरे निभाये

दिल को राह में बिछा दिया 


अब तो मान जाओ 

ओ सनम

मेरी कसम 

तुम्हें मेरी कसम


क्यूँ ठुकरा रही हो तुम मुझे

मैं समझ ना रहा 

समझ ना रहा


क्या करूं?

और क्या मैं करूं?

कुछ तो करो 

मैं समझ ना रहा


कुछ तो करो 

कुछ जवाब दो

तेरी कसम सनम 

तेरी कसम! 



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