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Kanchan Prabha

Fantasy Others

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Kanchan Prabha

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वो मेरी पुरानी साइकिल

वो मेरी पुरानी साइकिल

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बहुत ही सुन्दर थी 

वो मेरी पुरानी साइकिल

लाल रंग की थी 

वो मेरी पुरानी साइकिल


कई बार गिरी थी उससे

कई बार चोट खाई थी 

फिर भी जान से प्यारी थी

वो मेरी पुरानी साइकिल


स्कूल जाना उससे रोज

दोस्तों को बैठना उस पे रोज

कइयों ने चलाई थी

वो मेरी पुरानी साइकिल


घंटी आईना लाइट लगी थी

श्री देवी की फोटो लगी थी

हैण्डल में थे रिबन रंगीले 

वो मेरी पुरानी साइकिल


एक दिन कबाड़ी वाला 

जब मेरे घर पर आया

बेच दी थी पापा ने फिर

वो मेरी पुरानी साइकिल



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