STORYMIRROR

निशान्त "स्नेहाकांक्षी"

Drama Inspirational

4  

निशान्त "स्नेहाकांक्षी"

Drama Inspirational

वंदे भारत मातरम!

वंदे भारत मातरम!

1 min
484

वंदे भारत, तुझे सलाम 

सुजलां सुफलां मलयज शीतलां 

तू ही विश्वगुरु, तू ही है मुक्ति धाम,

आर्यावर्त का शिखर प्रणाम!


अमर शहीदों की अमिट पुकार,

तू मां भारती का दिव्य अवतार,

तू ही स्वतंत्रता का है आधार 

वीरों का शौर्य, विजय अपार !


गर्व से जुबां पर गूंज उठे,

गौरव लोकों में अनुगूंज उठे,

तू ही वाणी, तू ही बोली है,

सम्पूर्ण विश्व की हमजोली है,

विविधताओं की अनुभूति है तू,

एकता का प्रतीक, दिव्यता की मूर्ति है तू !


धर्म, न्याय, शांति की प्रेरणा है,

अन्याय असमता की अवहेलना है 

संस्कृति, सभ्यता का संचार है तू,

सर्व समभाव का विचार है तू !


हर जन भागीरथी की तुझमें है ज्वाला,

सत्य अहिंसा की प्रतिमाला,

गर्व से झुकता है सब जग तेरे आगे,

 विकास प्रगति पथ तुझ संग भागे !


वंदे भारत, तुझे नमन है।

अखंड भारत राष्ट्र प्रथम है

हर दिल में बसती देश प्रेम की धड़कन,

पर्वत शिखर सागर है अचकन !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama