STORYMIRROR

निशान्त "स्नेहाकांक्षी"

Classics Inspirational

4  

निशान्त "स्नेहाकांक्षी"

Classics Inspirational

मंगल कलश

मंगल कलश

1 min
411

कलश की गहराइयों में बसा है अमृत सा गाँठ,

सौंधी सुगंधित फूलों से सजा हुआ यह आकार।

देवी-देवताओं की मूर्ति, प्रसन्नता का प्रतीक,

शुभ लाभ और सौभाग्य का प्रबंधन करे साकार।


स्वर्णिम रंग और मोरपंखों से सजी यह प्याली,

सुंदरता और संपन्नता की सकल अभिव्यक्ति।

प्रशांति की अद्भुत सृष्टि है, यह पवित्र स्थान,

कलश के बिना अधूरी है पूजा और प्रसाद।


धारा की ध्वनि से जीवित हो जाता है,

शुभ संकेत और आशीर्वाद प्रदाता,

भक्ति और आस्था की अंतर्दृष्टि है जगाता,

कलश समृद्धि और समाधान विधाता |


कलश की ऊँचाई शुभ शिखर पताका 

शुभ आगमन, सौम्यता का दाता,

मंगल के संकेत और खुशियों की बौछार है लाता,

सदैव समृद्धि और सौभाग्य का आदर्श बनाता।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics