ज्योति किरण
Drama
चंद ख़्वाहिशें अधूरी सी
उम्र भर सालती रहीं।
वक्त बिखरता गया
ज़िन्दगी संभालती रही।
तेरा आना
धड़कनों की धु...
चिरपरिचित याद...
लम्हें जिंदगी...
मेरी दुनिया
अग्निफेरा
पिता
हमनवां
दर्द से रिश़्...
दीदार
tera pura hak hai muse ruth ne ka tera pura hak hai muse ruth ne ka usse bhi zyada tera oura hak ... tera pura hak hai muse ruth ne ka tera pura hak hai muse ruth ne ka usse bhi z...
Zindgi ko sabse aasan banane vali Meri behen, Kudh bhale hi kitni bhi stress me ho per Meri zindgi... Zindgi ko sabse aasan banane vali Meri behen, Kudh bhale hi kitni bhi stress me...
Ha ! Akeli hu mei Kyuki koi aaj tak samj nahi pata muje Kehte hai bohot immature hai tu Ha ! Akeli hu mei Kyuki koi aaj tak samj nahi pata muje Kehte hai bohot immat...
नथ *बरसे कबसे जाने ये बदरिया* की मन मेरा झूमे जाए रे, कहे बोले ये मयूरा की नथ *बरसे कबसे जाने ये बदरिया* की मन मेरा झूमे जाए रे, कहे बोले ये मयूरा की
न नारी अबला होती है और न ही औरत लाचार होती है। न नारी अबला होती है और न ही औरत लाचार होती है।
जो मैं लिखता हूँ...। जो मैं लिखता हूँ...।
दो राहें थी, इक घर को इक सपनों की ओर चली...। दो राहें थी, इक घर को इक सपनों की ओर चली...।
एक गज़ल...। एक गज़ल...।
पापा तुम्हें कह नहीं पाती, हर शुक्रिया से ज्यादा तुम्हें प्यार करती हूँ। पापा तुम्हें कह नहीं पाती, हर शुक्रिया से ज्यादा तुम्हें प्यार करती हूँ।
ख़ुशी तो जी बस इतनी है जब भी सुकून की तलाश में निकलें हैं, किसी ने आज तक धर्म नहीं पूछा मज़ारों में... ख़ुशी तो जी बस इतनी है जब भी सुकून की तलाश में निकलें हैं, किसी ने आज तक धर्म ...
बन्द कर दिया,पाक का हुक्का-पानी याद दिला दी,पाक को उसकी नानी क्या पाक भूल गया है,पुरानी कहानी कैसे ह... बन्द कर दिया,पाक का हुक्का-पानी याद दिला दी,पाक को उसकी नानी क्या पाक भूल गया है...
बंद है पलके और मौन है अधर अंदर ही अंदर बजता है संदल कोई न राजदार दिखता है नज़र हर घर में होता है र... बंद है पलके और मौन है अधर अंदर ही अंदर बजता है संदल कोई न राजदार दिखता है नज़र ...
Muje kudhse hi hogya hai pyaar Ha Muje kudhse hi hogya hai pyaar Sayad Muje kudhse hi hogya hai pyaar Ha Muje kudhse hi hogya hai pyaar Sayad
शांत चेहरे की मुस्कुराहट...। शांत चेहरे की मुस्कुराहट...।
"श्री पराशर" ज्ञान के महासागर भगवान श्री पराशर वेदव्यास जी के पिता "श्री पराशर" ज्ञान के महासागर भगवान श्री पराशर वेदव्यास जी के पिता
एक मर्मस्पर्शी कविता...। एक मर्मस्पर्शी कविता...।
मंजिल नाम अपने इस बार कर चल उठ प्रण कर ना क्षण एक बेकार कर...! मंजिल नाम अपने इस बार कर चल उठ प्रण कर ना क्षण एक बेकार कर...!
भूखा भिखारी...। भूखा भिखारी...।
मेरे तकिये -चादर का एक गीत सुनाता हूँ जब भी ऐतराज़ की रौशनी में तुझे भूलने के करीब हो... मेरे तकिये -चादर का एक गीत सुनाता हूँ जब भी ऐतराज़ की रौशनी में तुझे...
मेरे मन के युद्ध मुझे तेरी पूजा ना करने देंगे। मेरे मन के युद्ध मुझे तेरी पूजा ना करने देंगे।