Click here for New Arrivals! Titles you should read this August.
Click here for New Arrivals! Titles you should read this August.

ज्योति किरण

Romance


4.1  

ज्योति किरण

Romance


दीदार

दीदार

1 min 387 1 min 387

यह दिल जो चाहता है..

हर बार मुमक़िन नहीं। 

धड़कनों पर ख़्वाबों का, 

इख़्तियार मुमक़िन नहीं।। 


बंद पलकों में इंतख़ाब, 

हास़िल है जाना। 

खुली आँखों से मगर..

दीदार मुमक़िन नहीं है।



Rate this content
Log in

More hindi poem from ज्योति किरण

Similar hindi poem from Romance