STORYMIRROR

Sweta Sardhara "shwetgzal"

Romance

5  

Sweta Sardhara "shwetgzal"

Romance

तुम्हारी पागल

तुम्हारी पागल

1 min
515

तुम कहो तो तुम्हारे नाम एक गज़ल लिख दें

बरस जाओगे क्या बेवजह तुम्हे बादल लिख दें


नजर ना लगे तुम्हारी खूबसूरती को किसकी

इजाज़त दो अगर तुम्हे अपना काजल लिख दें


तुम्हे लिखे महोब्बत, अमानत , इबादत हमारी

खुद को हम जरा सी तुम्हारी घायल लिख दें 


तुम अक्सर जोरो से खनकते हो इस दिल मैं 

जनकार श्रृंगार का तुम्हे अपनी पायल लिख दें


तुम बस हा कह दो ये जमाने को दिखाने की

श्वेत की जगह नीचे तुम्हारी पागल लिख दें।


  



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance