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V. Aaradhyaa

Classics

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V. Aaradhyaa

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उनको करते सहर्ष प्रणाम

उनको करते सहर्ष प्रणाम

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निरंतर जपो हनुमत नाम।

पूर्ण करें प्रभु विगड़े काम।

वीर महाप्रभु हैं बलधाम।

इन्हें भजो मिल आठों याम।।


बल विद्या सॅंग ज्ञान अपार।

हरते हनुमत भू का भार।

चिंतन मनन करो उर धार।

रखो निरंतर स्वच्छ विचार।।


रामभक्त हनुमान महान।

रखें भक्त का अविरल ध्यान।

विनयशीलता है भरपूर।

महावीर शूरों के शूर।।


उर को करते ललित ललाम।

भजो सदा हनुमत का नाम।

हनूमान जग रक्षक मान।

उनकी गुरुता को पहचान।।



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