तू है तो मैं हूं ...
तू है तो मैं हूं ...
क्या लिखूं तेरे लिए ,
क्या कहूँ तेरे लिए ,
क्या सुनाऊं तेरे लिए ,
क्या लाऊँ तेरे लिए ।।
हर शब्द कम है तेरे लिए ,
हर धुन फीकी है तेरे लिये ,
हर चीज़ तेरे सामने छोटी ,
क्या उपहार लाऊँ तेरे लिए।।
तेरे होने से मेरी हर हार में भी जीत है ,
मुश्किलों भरे जीवन का तू संगीत है ,
तूने हमेशा हर रिश्ते का मान रखा है ,
तूने ही तो मुझे सम्भाल रखा है ।।
तू ग़मों में भी खुशियों की वजह है ,
तू अंधेरे में जलता दिया है ,
तू पतझड़ के बाद वसंत है ,
तेरा मेरे लिए प्यार अनंत है ।।
तेरी वजह से मैं मैं हूँ ,
तेरी वजह से हम हम है ,
तू मेरे आज और कल की उम्मीद है,
तू है तो मेरा भी वजूद है ....
तू है तो मेरा वजूद है.....

