STORYMIRROR

Pushpa Srivastava

Romance

3  

Pushpa Srivastava

Romance

तुम्हारा प्यार

तुम्हारा प्यार

1 min
291

आंखों में नमी छोड़ कर

दिल मेरा तुम तोड़ कर

हमेशा यूं ही झूठ बोल कर

चले जाते हो दिल तोड़ कर

प्रिय क्या यही है प्यार तुम्हारा ?


क्षण कैसे बीतें यादों के सहारे

कैसे जीऊं प्रतीक्षा में तुम्हारे

प्रतीक्षा में खड़ी हूं द्वारे

कैसे जीऊं बिन तुम्हारे

प्रिय क्या यही है प्यार तुम्हारा ?


खामोश निगाहें देखी नहीं

भावनाएं मेरी समझी नहीं

कमी मेरी तुम्हें अखरती नहीं

कभी मेरी तुम्हें याद आती नहीं

प्रिय क्या यही है प्यार तुम्हारा ?


तन्हा हम को तुमने छोड़ा

जख्मों भरा तीर तुमने छोड़ा

दर्द का निशा दिल पर छोड़ा

हमसे ही फिर तुमने मुंह मोड़ा

प्रिय क्या यही है प्यार तुम्हारा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance