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Akanksha Gupta (Vedantika)

Romance

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Akanksha Gupta (Vedantika)

Romance

तेरा मेरा रिश्ता

तेरा मेरा रिश्ता

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तेरा मेरा रिश्ता इस दुनिया में कुछ यगाना है

दिल में छुपे इश्क़ का अजब ये फसाना है

तेरी आँखों के समंदर में उतार चुके है कश्ती

अब तो तेरी रूह तलक़ आकर ठहर जाना है


मिले साहिल मोहब्बत को डूब कर प्यार मे तेरे

शब गुज़रे बांहों में जो नज़ारों में खिले हो सवेरे

अब तो हर आजमाइश को साथ आजमाना है

दर हर्फ़ में दास्तान इश्क़ की लिखते जाना है


तेरी यादों को अपनी ज़िंदगी का सबब बनाया है

सिरहाने तेरे ख़्वाबों का एक बिछौना बिछाया है

इन ख़्वाबों में अपना अक्स हमें ढूँढने जाना है

तेरी मोहब्बत की तपिश में मुझे मिटते जाना है


बनो क़ातिल अगर हमारे तुम मंजूर है हमको

हर साँस कुर्बान कर भी खुशियाँ देंगे हम तुमको 

तुम्हारे ख़यालों में भी अपना एक घर बनाना है

अपनी मोहब्बत का एहसास तुमको दिलाना है


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