STORYMIRROR

M BOSS मुस्ताक अली शायर

Romance

4  

M BOSS मुस्ताक अली शायर

Romance

प्यार हो रहा है

प्यार हो रहा है

1 min
263

प्यार हो रहा है

उसकी हर बात पर मुझे ऐतबार हो रहा है

जाने अनजाने में मुझे उससे प्यार हो रहा है...


खुदा जाने क्या जादू कर गई वो

हर पल मेरी आंखों को सिर्फ

उसी का इंतजार हो रहा है....


गम की ना परवाह है

ना खुशी से कोई वास्ता रहा

बस उसकी मुस्कान देखकर

आवाज मेरा संसार हो रहा है.....


करार आता नहीं खुद के ही मकान में

उसके कदमों को 

चूम कर ही नींद आती है

लगता है उसके कदमों तले 

मेरा घर बार हो रहा है.....


दिल उसके नाम से धड़कता है

सांस भी उसी के नाम से आती है

मेरा जिस्म उसी पर निसार हो रहा है.....


एक दिन लगाया था

उसने मेरे जख्मों पर मरहम

तभी से मेरा दिल 

बीमार हो रहा है.....


जल्दी से दुल्हन बन कर

मेरे घर आ जाओ

तुम्हें अपना बनाने के लिए

मेरा जी बेकरार हो रहा है....


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance