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Shilpi Goel

Drama Others

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Shilpi Goel

Drama Others

सूखी ब्रैड

सूखी ब्रैड

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भूख होती है 

सबसे बड़ी

फर्क नहीं पड़ता

ब्रैड ताजा है या सड़ी।


बच्चे को बिलखता देख

अपनी भूख छिपा दी

वह आधी ब्रैड भी

बच्चे को खिला दी।


हाय रे मजबूर किस्मत 

आज फिर तूने

उसकी तकदीर से वह

सूखी ब्रैड हटा दी।


बंगलों में रहने वालों को

सूखी ब्रैड का नहीं अंदाजा

तभी तो कचरे में मिला

ब्रैड का पैकेट ताजा।


इस एक पैकेट से

पूरे परिवार की भूख मिटेगी

जाने कितने दिन बाद

ऐसी पैकेट दोबारा मिलेगी।


दुआ करता होगा

वह होकर मजबूर

रोज मिले कचरे में 

ऐसा पैकेट जरूर।



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