रिश्ता
रिश्ता
रिश्ता ऐसा हो जिस पर नाज़ हो
एक दुसरे को समझने की बात हो
लब चुप और निगाहों से झलकता प्यार हो
हालात चाहें जैसे भी हो
हमदम हरदम साथ हो
दिल पे हाथ रखे
और धड़कनो की बेचैनी समझ ले
सिर्फ निगाहें देख कर
इश्क़ की गहराई नाप ले।

