Sanupriya Koiry
Romance
इश्क़ का नशा
बेहिसाब उमड़ रहा है
मुझ पे तेरे ख्यालों का जोर चल रहा है
मुझे चूमती तेरे होंठ
साँसो को छेड़ रही हैं
तेरे चुम्बन से
तन की गरमाहट तप रही है
मेरे सीने में धड़कता दिल
बेकाबू सी हदें तोड़ रही हैं ।।
रिश्ता
इश्क़
चाँद से पूछो
तु मेरे करीब
तेरे झुमके
सब कुछ अपने बारे में बताना है, अभी बहुत कुछ है जो समझाना है। सब कुछ अपने बारे में बताना है, अभी बहुत कुछ है जो समझाना है।
बरी कर दूं तुझे मैं जब दोषी भी तू कातिल भी तू बरी कर दूं तुझे मैं जब दोषी भी तू कातिल भी तू
बारिश कह रही मुझे, कोई याद कर रहा तुझे। बारिश कह रही मुझे, कोई याद कर रहा तुझे।
उसका पूरा दिमाग मुझ पर केंद्रित था - यही वह आदमी है जिसे मैं सदा के लिए प्यार करता ह उसका पूरा दिमाग मुझ पर केंद्रित था - यही वह आदमी है जिसे मैं सदा के लिए प्या...
यादें रह गयीं हैं उनकी बाकी बातें अब आम हो गयी। यादें रह गयीं हैं उनकी बाकी बातें अब आम हो गयी।
इश्क़ में, सुना है लोग बिखर के निखर जाते हैं इश्क़ में, सुना है लोग बिखर के निखर जाते हैं
इस सब का और कुछ कारण नहीं बल्कि बस मैं तुम्हें खो देने से डरता हूँ इस सब का और कुछ कारण नहीं बल्कि बस मैं तुम्हें खो देने से डरता हूँ
जैसे ही अनुराधा की नजर लड़के के चेहरे पर पड़ी कि उसकी आंखें खुली की खुली रह गईं। जैसे ही अनुराधा की नजर लड़के के चेहरे पर पड़ी कि उसकी आंखें खुली की खुली रह गईं।
ये तेरे पास रहे, तेरे साथ रहे, यही बहुत है जीने के लिए। ये तेरे पास रहे, तेरे साथ रहे, यही बहुत है जीने के लिए।
किया जो भी तूने उचित न किया है प्रिय सुनो लुटी सारी माया तन इक बचा ये तन हनो। किया जो भी तूने उचित न किया है प्रिय सुनो लुटी सारी माया तन इक बचा ये तन हनो।
वरना सुदामा में कहाँ ताकत थी.. "मुरलीवाले" से पैर धुलवाने की। वरना सुदामा में कहाँ ताकत थी.. "मुरलीवाले" से पैर धुलवाने की।
प्यासी धरती तो कुछ पी लेती है कुछ नदियों की धार बढ़ाती है प्यासी धरती तो कुछ पी लेती है कुछ नदियों की धार बढ़ाती है
जब तुम कहीं थक हार बैठे हो तुम्हें जो उम्मीद दे सके वो एक आस"मैं हूँ। जब तुम कहीं थक हार बैठे हो तुम्हें जो उम्मीद दे सके वो एक आस"मैं हूँ।
उत्सर्ग कर दी जिंदगी उसके नाम ,जबतक जीयेंगें संग ही जीयेंगें । उत्सर्ग कर दी जिंदगी उसके नाम ,जबतक जीयेंगें संग ही जीयेंगें ।
तुम रुके नहीं क्योंकि, आहत सा, दर्प तुम्हारा दुःखता था, तुम रुके नहीं क्योंकि, आहत सा, दर्प तुम्हारा दुःखता था,
क्या छिपाती हो ? दिल में क्या है ? क्यों नहीं बताती हो ? क्या छिपाती हो ? दिल में क्या है ? क्यों नहीं बताती हो ?
इंद्रधनुषी प्रेम रूमानी दुनिया में किताबों के पन्नों में ही फड़फड़ाता रहता है। इंद्रधनुषी प्रेम रूमानी दुनिया में किताबों के पन्नों में ही फड़फड़ाता रहता है।
मेरी जिंदगी की कोई कल्पना नहीं ओर मेरे बिना तुम्हारी जिंदगी का कोई अंत नहीं ... मेरी जिंदगी की कोई कल्पना नहीं ओर मेरे बिना तुम्हारी जिंदगी का कोई अंत नहीं ...
बात प्यार की तेरे दिल ने है कि सच हो रहा है तेरा ही साथ है बात प्यार की तेरे दिल ने है कि सच हो रहा है तेरा ही साथ है
चांद सा हसीन कोई देखा ना था, पर उस रोज़ चांद सा हसीन कोई मिला था,।। चांद सा हसीन कोई देखा ना था, पर उस रोज़ चांद सा हसीन कोई मिला था,।।