STORYMIRROR

Gajanan Pandey

Romance

3  

Gajanan Pandey

Romance

तुम बिन - जग सूना

तुम बिन - जग सूना

1 min
279

तुम बिन - जग सूना 

जैसे पतझड़ का महीना 

जैसे दीपक बिना बाती 

जैसे मन में उदासी। 

जैसे अमावस की रात 

बिना साथी के बरसात। 

तुमसे है हर खुशी 

तारों भरी रात में 

जैसे चंद्रमा का प्रकाश। 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance