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Priyesh Pal

Romance

3  

Priyesh Pal

Romance

घर

घर

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मैं,

जोड़ूँ कुछ तिनके रूपी

स्वप्न...

जो जुड़ने के बाद

बनाते इक मकान।


और तुम

जिसे अपनी ख़ुशबू से

बनाओगी 

सुंदर सा इक

"घर"जैसे,

बांधते "घर" परिंदे।।।


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