STORYMIRROR

Priyesh Pal

Abstract Drama Inspirational

3  

Priyesh Pal

Abstract Drama Inspirational

सत्य और सूर्य

सत्य और सूर्य

1 min
161

वे समझ रहे थे अस्त हो रहा है सत्य,

किन्तु भूल गए वे,

सत्य हो परेशान,

हो अस्त,

किन्तु होता सूर्य के समान ही,

उसे उदय होना होता है,

और वह

होता ही है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract