STORYMIRROR

Kavi Ankit Prasoon

Romance

3  

Kavi Ankit Prasoon

Romance

सुहाने सपने

सुहाने सपने

1 min
274


मुहब्बत की अधूरी ये कहानी छोड़ जाऊंगा।

तुम्हारे नाम अपनी ये जवानी छोड़ जाऊंगा।

जिसे तुम जिन्दगी अपनी भुला पाओगी ना सारी

तेरे होठों पे ऐसी मैं निशानी छोड़ जाऊंगा।


सुबह होते सभी सपने सुहाने टुट जाते हैं।

जमाने के चिढ़ाने से दिवाने छुट जाते हैं।

दिलों को तोड़ देना तो बहुत आसान है लेकिन

दिलों को जोड़ने में तो पसीने छुट जाते हैं।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance