Poonam Kaparwan
Romance
जब से चढा नशा आपका
न सुध अपनी
कब दिन हुआ कब रात हुई
न खबर खुद की
जाम का नशा अब चढता नही
ये कैसी खुमारी ये कैसी बेकारियां
एक बार और मिल जाओ सनम
झूमकर नाच जाने का मन है
मत कहना ये कैसा नशा है बिन पिये
हम कहेंगे ये आपका नशा है।
वो बंसत फिर स...
गुलाबी बहारें
विरहन प्रेयसी
बसंती बहार
प्रकृति का नव...
भँवरा
पीली सरसों
मेरा भारत
संकल्प
आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर। आपकी चाहत, मोहब्बत,उंसियत का है असर।
तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था ! तकिये से पूछो बारिश में मैं कितना अश्क बहाया था !
तब अपने अपने धर्म को उच्च बताने का ये समाज करते हैं व्यापार। तब अपने अपने धर्म को उच्च बताने का ये समाज करते हैं व्यापार।
तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो। तुम्हारी आहट पर मुझे कुछ पूर्णता का आभास तो हो।
लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में। लड़का हूँ न allowed नहींं है आजकल के बाजार में।
माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना, माना मुश्किलें हैं इस संसार में आसान नहीं कुछ भी इतना,
हे राधे ! क्या मुझे छोड़ने तुम नही आओगी तुम अपने कान्हा को विदाई दे पाओगी हे राधे ! क्या मुझे छोड़ने तुम नही आओगी तुम अपने कान्हा को विदाई दे पाओगी
हां बहुत बुरे हो तुम कभी भी मुझे बांहों में घेर नहीं कहते हो जान न ही जानू न देते हो गुलाब न ही ... हां बहुत बुरे हो तुम कभी भी मुझे बांहों में घेर नहीं कहते हो जान न ही जानू न...
याद नहीं आ रही अब मुझे रुक्मणी और राधा.. चुंबकीय आकर्षण में तेरे हो गई अधीर और आधा.. याद नहीं आ रही अब मुझे रुक्मणी और राधा.. चुंबकीय आकर्षण में तेरे हो गई अधीर ...
नफरतों का हो कैसा भी आलम ऋषभ प्रेम नफरत में चाहत को भर जायेगा नफरतों का हो कैसा भी आलम ऋषभ प्रेम नफरत में चाहत को भर जायेगा
तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है। तूने छुआ जो रूह आ गई तो मुझे खुद से भी प्यार है।
तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे पारिजात। तुम्हें समेट लिया है भीतर जैसे जाड़ों में समेट लिए जाते हैं धरती पर बिखरे प...
रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को। रख सकता था तुम्हे और तुम्हारे उस मखमल सम मृदुल एहसास को।
पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं। पर ये मुममिन नहीं और इसी तन्हाई में गुमसुन अकेला बैठा मैं।
उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई। उदासियों का कर के आलिंगन, ले लो सुबह सवेरे अंगड़ाई।
वह कहानियाँ कहता था…मैं कहानियाँ सुनती थी… उसे व्हाईट रंग पसंद था और मुझे ब्लैक… वह कहानियाँ कहता था…मैं कहानियाँ सुनती थी… उसे व्हाईट रंग पसंद था और मुझे ब्लैक...
जो तुम्हारा ही नहीं, उसे क्यों अपनी ज़िन्दगी समझते हो। जो तुम्हारा ही नहीं, उसे क्यों अपनी ज़िन्दगी समझते हो।
पहली मुलाकात और उसकी खुशियां, याद करें-आप भी तो साझेदार थे। पहली मुलाकात और उसकी खुशियां, याद करें-आप भी तो साझेदार थे।
जब कभी धीमी हवा मुझे छू कर बहती है, तब पता नहीं क्यों मेरे दिल में कहीं बेचैनी सी हो जब कभी धीमी हवा मुझे छू कर बहती है, तब पता नहीं क्यों मेरे दिल में कहीं...
बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा। बेशक तुम मत आना... बस कह देना की आऊंगा।