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Bharat Jain

Romance Others

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Bharat Jain

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किश्त वाला प्यार

किश्त वाला प्यार

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ये किश्त वाला प्यार है,

यहाँ वक़्त भी उधार है।


उनकी हर निगाह तंज़ है,

हर एक शब्द वार है।


सिसकियों का गीत ये,

रात भर का ग़ुबार है।


नई सुबह का आईना,

सब हदों से पार है।


है सबको मय की तलब,

सब पे तेरा ही ख़ुमार है।


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