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JITENDRA PARMAR

Romance

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JITENDRA PARMAR

Romance

प्यार का यही अंजाम होना था

प्यार का यही अंजाम होना था

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कभी रोना कभी हँसना

कभी कहीं खो जाना

सभी आशिकों का यही एक कहना था

प्यार का यही अंजाम होना था


चुप- चुप कर कभी मिलना

वो बिस्तर में बातें करना

कभी-कभी रातों की नींद भी खोना था

प्यार का यही अंजाम होना था


कभी घरवालों की मार

रिश्ते दारों की फटकार 

कभी-कभी विश्वासों में धोखा भी मिलना था 

प्यार का यही अंजाम होना था 


सनम की याद थी हर बार 

कभी दिल होता बेकरार

कभी-कभी जुदाई का दर्द भी सहना था 

प्यार का यही अंजाम होना था 


कभी काॅलेज में की छुट्टी

दोस्तों से कभी हुई कट्टी

प्रिये से मिलने का इंतजार '' जीत '' करना था

प्यार का यही अंजाम होना था।


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