STORYMIRROR

Noor Jahan

Romance

4  

Noor Jahan

Romance

इश्क़

इश्क़

1 min
309

तू ही है दिल की धड़कन

तुझी से हैं मेरी हर ख़ुशी,

तुझ से मेरे दिन की शुरुआत

तुझ से है दिन की समाप्ति


अपने इश्क को कैसे बयां करे,

नही है हमारे पास कोई अल्फाज़,

तुझसे जुड़ गई है मेरी हर एक सांस

कभी ना सोचना हमसे दूर जाने की,


कसम है हमको उस दिन हम न रहेंगे इस दुनिया में,

तू ही मेरा सब कुछ हैं,

तू ही इस जिस्म की जान,

चाहे कर लेना हम पर गुस्सा


लेकिन इतना जान लो हमसे दूर न जाना,

समझ नहीं आ रहा है क्या लिखूं

मेरे पास नहीं है कोई अल्फाज ,

जिससे अपने दिल का हाल बयां,

कर सके सबके सामने,


लो आज करते है अपने प्यार का इज़हार

कुबूल कीजिए हमारा दिल हमेशा के लिए।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance