मेरी रचनाओं पर अपना बहुमूल्य समय दीजिए क्या पता मेरे शब्दों से आपको दोस्ती हो जाए
झुमकी आंखों में आंसू लिए मुझे एक कप चाय देकर सिर झुका कर वहां से चली गई थी झुमकी आंखों में आंसू लिए मुझे एक कप चाय देकर सिर झुका कर वहां से चली गई थी
आज नंदिनी का मन चटपटा भुट्टा खाने का कर रहा था आज नंदिनी का मन चटपटा भुट्टा खाने का कर रहा था
अगर सेना में ही भर्ती ना हो पाए तो कैसे देश के काम आएंगे।" अगर सेना में ही भर्ती ना हो पाए तो कैसे देश के काम आएंगे।"
आगे के शब्द सुनने की शक्ति आशुतोष में अब नहीं बची थी। आगे के शब्द सुनने की शक्ति आशुतोष में अब नहीं बची थी।
लहरें अब बहुत से उठने लगी थी जैसे कह रही हो, "हां सब कुछ परफैक्ट ही तो है।" लहरें अब बहुत से उठने लगी थी जैसे कह रही हो, "हां सब कुछ परफैक्ट ही तो है।"
तेज हवा के झोंकों ने वृक्षों की डालियों को हिला हिला कर ऐसा दृश्य उत्पन्न कर दिया था मानो देवासुर सं... तेज हवा के झोंकों ने वृक्षों की डालियों को हिला हिला कर ऐसा दृश्य उत्पन्न कर दिय...
मां की नहीं आंखें तो उसकी धुंधली थीं जो कभी मां के मन के भाव को देख नहीं पाईं। मां की नहीं आंखें तो उसकी धुंधली थीं जो कभी मां के मन के भाव को देख नहीं पाईं।
उसके हाथ बिना उसके नियंत्रण के उस लड़की का स्केच बनाने में व्यस्त थे। उसके हाथ बिना उसके नियंत्रण के उस लड़की का स्केच बनाने में व्यस्त थे।
कुछ लोग जीवन में ऐसे मिलते हैं जो अपनी यादें अमिट छोड़ जाते हैं। कुछ लोग जीवन में ऐसे मिलते हैं जो अपनी यादें अमिट छोड़ जाते हैं।
भूख से खुद उसका हाल बुरा था लेकिन वह जानती थी अगर खा लेगी तो अमित नाराज़ हो जाएगा। भूख से खुद उसका हाल बुरा था लेकिन वह जानती थी अगर खा लेगी तो अमित नाराज़ हो जाएग...