STORYMIRROR

Shashank Pandey

Romance

4  

Shashank Pandey

Romance

यादें

यादें

1 min
249

वादा किया था साथ निभाने का 

बीच राह ही छोड़ दिया

सोचा ना था हमने ऐसा 

जीवन ने ऐसा मोड़ लिया 

दीलनवाजी का वादा करके 

खुद ही दिल ये तोड़ दीया 

इस भरी दुनिया में तुमने 

मुझे अकेला छोड़ दीया।


दूर हो मुझसे लेकिन तुम 

 तम्हारी याद बहुत सताती है

आंखो मे बसती तस्वीर है तेरी 

वो हर पल मुझे रुलाती है।


सर्दी की लम्बी रातों में 

याद तुम्हीं तो आती हो

तुम हो शायद साथ मेरे 

ऐसा एहसास दिलती हो।


दुखी हुवा था जब मन मेरा 

एक तुम ही आस जगाती थी 

रोया था जब इन आंखो ने 

तब तुम ही प्यार जतती थी।


तेरे साथ गुजारे पल वो 

सब रंगो से रंगीन रहें

जुल्फो की छाँव में गुजरे वो दिन 

नमक से भी नमकीन रहें।


दुरी इतनी भला क्या है 

तुम बतलाओ मेरी खता क्या है 

अगर हुयी हो भूल कोई 

बतलाओ उसकी सजा क्या है


जितना तुझसे प्यार किया 

उतना ना किसी से कर पाया

खाली दिल के उस कोने को 

नही कोई फिर भर पाया

जब तुमने छोड़ा साथ मेरा 

तो मैने ना कुछ कर पाया 

चैन से ना जी पाया फिर मैं 

ना ही खुशी से मर पाया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance