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Kavi Ankit Prasoon

Classics

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Kavi Ankit Prasoon

Classics

आंसू

आंसू

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अपने तो ख्याब ओरो को दिखाये नहीं जाते

खुद के तो दर्द ओरो मे सझाये नहीं जाते।


तुम अपने आसुओं को कितना भी पोंछ लो 

आंखों के अश्क कभी भी छिपाये नहीं जाते।


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