Gunjan Johari
Drama Romance
देर रात तक जागना भी
कबूल है हमें
तेरी यादों में जो सुकून है
वो नींदों में कहा।
खामोश नज़रों ...
चुप्पी
एक दूसरे को प...
चांदनी
अधूरी दुआ
मै मौन हो जात...
थक गए दौड़ते ...
मुसाफ़िर
खाली हाथ
मुद्दतों
चाय ने तो द्वेष, ईर्ष्या को हराया चाय ने सदा ही भाईचारा बढ़ाया चाय ने तो द्वेष, ईर्ष्या को हराया चाय ने सदा ही भाईचारा बढ़ाया
थोड़ा रुक गये होते, किसी अपने के गले से लग गए होते,, थोड़ा रुक गये होते, किसी अपने के गले से लग गए होते,,
तेरे ख्याल मन में आते ही सनम, मेरे मन का मयूर नाचने लगता है। तेरे ख्याल मन में आते ही सनम, मेरे मन का मयूर नाचने लगता है।
प्रेम की गलियों पर लिखे गये हैं करोड़ों किताब, प्रेम की गलियों पर लिखे गये हैं करोड़ों किताब,
जब जब रात होती हैं, तेरे प्यार की प्यास लगती हैं, जब जब रात होती हैं, तेरे प्यार की प्यास लगती हैं,
इन्हीं शब्दों कारण महाभारत हुई शब्दों से कभी कोई घर नही, तोड़ो इन्हीं शब्दों कारण महाभारत हुई शब्दों से कभी कोई घर नही, तोड़ो
मुझे मालूम न रहा और दिल का ताल मिला लिया। मुझे मालूम न रहा और दिल का ताल मिला लिया।
तेरे बेशुमार हुस्न ने मुझको मदहोश बना दिया, तेरे बेशुमार हुस्न ने मुझको मदहोश बना दिया,
कुछ हुआ तो आवाज़ भी वही, दिल की धड़कन, साज़ भी वही। कुछ हुआ तो आवाज़ भी वही, दिल की धड़कन, साज़ भी वही।
क्यों थप्पड़ खाकर भी चुप रहूँ, घरेलू हिंसा सहकर क्यों सहूँ? क्यों थप्पड़ खाकर भी चुप रहूँ, घरेलू हिंसा सहकर क्यों सहूँ?
मेरे रोम रोम में इश्क की तरंगे लहराती न होती। मेरे रोम रोम में इश्क की तरंगे लहराती न होती।
उस व्यक्ति का सबसे ज्यादा दोहन होता है। जो भी अच्छा फल देनेवाला मोहन होता है।। उस व्यक्ति का सबसे ज्यादा दोहन होता है। जो भी अच्छा फल देनेवाला मोहन होता है।...
पर जिम्मेदारियों की इस आपाधापी में, कैसे होगा मेरा बेड़ा पार। पर जिम्मेदारियों की इस आपाधापी में, कैसे होगा मेरा बेड़ा पार।
पसीने की कमाई की एक-एक बूँद सिर्फ नेक काम में ही लगाया...?? पसीने की कमाई की एक-एक बूँद सिर्फ नेक काम में ही लगाया...??
तू नही, तेरा वक्त बुरा है, यह स्वीकार लो तू नही, तेरा वक्त बुरा है, यह स्वीकार लो
इस हसीन शाम में मेरी प्यास मिटाना चाहता हूंँ। इस हसीन शाम में मेरी प्यास मिटाना चाहता हूंँ।
काले बादलों के छटते ही छिटकी चांदनी सी रात उछल कर नाच गया दिल देख टिमटिमाता चांद।। काले बादलों के छटते ही छिटकी चांदनी सी रात उछल कर नाच गया दिल देख टिमटिमाता ...
मैं तुझे प्यार के किनारे ले जाऊंगी। मैं तुझे प्यार के किनारे ले जाऊंगी।
जब बढ़ रहा हमारे समाज पर दुष्कर्म भार पहले समाज मे लाओ, स्त्री सम्मान किरदार जब बढ़ रहा हमारे समाज पर दुष्कर्म भार पहले समाज मे लाओ, स्त्री सम्मान किरदार
जो लगातार चलने का निभाता, फर्ज उसे एकदिन मिलता, मंजिल उत्कर्ष जो लगातार चलने का निभाता, फर्ज उसे एकदिन मिलता, मंजिल उत्कर्ष