Gunjan Johari
Drama Romance
देर रात तक जागना भी
कबूल है हमें
तेरी यादों में जो सुकून है
वो नींदों में कहा।
खामोश नज़रों ...
चुप्पी
एक दूसरे को प...
चांदनी
अधूरी दुआ
मै मौन हो जात...
थक गए दौड़ते ...
मुसाफ़िर
खाली हाथ
मुद्दतों
प्यार तो उनसे कबसे करती थी पर आज बताकर आ गई। प्यार तो उनसे कबसे करती थी पर आज बताकर आ गई।
जिंदगी बस चाट, बतासा, और मंचूरी सी हो गयी है।। जिंदगी बस चाट, बतासा, और मंचूरी सी हो गयी है।।
क्यों मुझको कूदना पड़ता है? क्यों मुझको झुकना पड़ता है? क्यों मुझको कूदना पड़ता है? क्यों मुझको झुकना पड़ता है?
तेरा मेरा साथ कुछ इस तरह है, जलेबी में मिठास है जिस तरह है,।। तेरा मेरा साथ कुछ इस तरह है, जलेबी में मिठास है जिस तरह है,।।
धीरे धीरे समय बीतने लगा, कॉलेज एक घर लगने लगा। धीरे धीरे समय बीतने लगा, कॉलेज एक घर लगने लगा।
बात बनी नहीं भोहें तनी खुली, तनी खुली और फिर तन गई। बात बनी नहीं भोहें तनी खुली, तनी खुली और फिर तन गई।
मेरा देश जानना चाहता है, हर मतदान का एक ही नारा, फिर क्यों मिट नहीं रही गरीबी है? मेरा देश जानना चाहता है, हर मतदान का एक ही नारा, फिर क्यों मिट नहीं रही गर...
मरीज़ ये सोचकर दुखी कि डाक्टर की फीस कैसे बचाऊं, डाक्टर का दुख मरीज़ का बिल कैसे बढ़ाऊं मरीज़ ये सोचकर दुखी कि डाक्टर की फीस कैसे बचाऊं, डाक्टर का दुख मरीज़ का बिल क...
यौवन के उस नशे में, इस मन को निथार लूं। यौवन के उस नशे में, इस मन को निथार लूं।
लालन पालन और अपना सारा राज दुलार मिला हमको ऐसा उपहार लालन पालन और अपना सारा राज दुलार मिला हमको ऐसा उपहार
उसके हर अदा हर शोखी, मेरे आत्मा में स्थिर थी। वो शाम भी अजीब थी, वो मेरे बहुत करीब थी… उसके हर अदा हर शोखी, मेरे आत्मा में स्थिर थी। वो शाम भी अजीब थी, वो मेरे बहुत...
क्या अमीर की ही जेब को, पहचानते हो तुम पसीने से नहीं, अन्न खून दे के है उपजता क्या अमीर की ही जेब को, पहचानते हो तुम पसीने से नहीं, अन्न खून दे के है उपजत...
फिर भी वह सदियों से अपनी हरकतें बदस्तूर जारी रखे हुए हैं..... फिर भी वह सदियों से अपनी हरकतें बदस्तूर जारी रखे हुए हैं.....
तु खुद कोस्वीकार कर तु बढ़ कर जहां मे आ_अपनी_पहचान_बना । तु खुद कोस्वीकार कर तु बढ़ कर जहां मे आ_अपनी_पहचान_बना ।
गर शहरों में वहशी होंगे फिर जंगल से क्या निकलेगा गर शहरों में वहशी होंगे फिर जंगल से क्या निकलेगा
बन जाती माँ का आँचल पुरानी यादों की चादर। बन जाती माँ का आँचल पुरानी यादों की चादर।
जो नहीं नसीब में वो हमसे दूर है हैं नहीं यक़ीन नसीब पर मुझे। जो नहीं नसीब में वो हमसे दूर है हैं नहीं यक़ीन नसीब पर मुझे।
वैसे ही अब भी आती है ऐसा ही पहले होता था ऐसा ही अब भी होता है वैसे ही अब भी आती है ऐसा ही पहले होता था ऐसा ही अब भी होता है
पुलिस पर हाथ उठाने वाला, घोर सजा अब पाएगा ! पुलिस पर हाथ उठाने वाला, घोर सजा अब पाएगा !
आदिम पुरुष अपने ही तरीके से प्रेम करता है..... वह तो सिर्फ़ और सिर्फ़ तन को ही चाहता है. आदिम पुरुष अपने ही तरीके से प्रेम करता है..... वह तो सिर्फ़ और सिर्फ़ तन को ही चा...