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Gunjan Johari

Tragedy

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Gunjan Johari

Tragedy

खाली हाथ

खाली हाथ

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खुशियाँ बांटते बांटते अक्सर हाथ खाली रह जाते हैं, 

दूसरों को खुश देखते देखते हम खुद को भी भूल जाते हैं,,


कुछ कर लो फिर भी सजा ही हिस्से आती है, 

खुद से पहले दूसरे को रखो फिर भी तकलीफ ही हिस्से आती है,, 


कौन कहता है नेकी करने से खुशियाँ मिलती है, 

जब मिलने की बारी आती है पिछले जन्मों की सजा हिस्से आती है,,



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