STORYMIRROR

S Ram Verma

Romance

2  

S Ram Verma

Romance

सर्द रात

सर्द रात

1 min
391


दहकती रातों की 

चांदनी में

बहकती जवानी के 

अरमानों में

चंचल हवाओं की

सरसराहटों में  

लरजते सांसों की 

कंपकपाहट में

प्रिय की बाँहों 

की गिरफ़्त में

रातों की बोझिल 

खामोशियों में

पिघलते है जमे,

अरमानों के काफ़िले

सर्द सी ठिठुरती

रातों में !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance