Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF
Click here to enter the darkness of a criminal mind. Use Coupon Code "GMSM100" & get Rs.100 OFF

S Ram Verma

Abstract


4.5  

S Ram Verma

Abstract


देह का नमक

देह का नमक

1 min 338 1 min 338

मुझ से दूर जाने 

की बात करने का 

अधिकार तुम्हे तब 

तक ही होगा ;

जब तक तुम्हारी 

देह मेरी देह का 

नमक नहीं खा लेती ; 

एक बार जो तुम्हारी 

देह ने मेरी देह का 

नमक चख लिया  

फिर तुम सात 

जन्मों तक मुझसे 

बिछुड़ने का सोच 

भी नहीं सकोगी 

ये बात याद रखना !


Rate this content
Log in

More hindi poem from S Ram Verma

Similar hindi poem from Abstract