STORYMIRROR

SHREYA BADGE

Comedy Romance Tragedy

4  

SHREYA BADGE

Comedy Romance Tragedy

संभाल रही हूं...

संभाल रही हूं...

1 min
341

बहुत बहा लिए मैंने इन आँखों से आँसू

अब मैं हँसने की आदत डाल रही हूँ।


मुझे पता है ये इतना आसान तो नहीं

लेकिन फिर भी खुद को संभाल रही हूँ।


टूट के बिखर गयी तेरी तस्वीर मेरे दिल में

 एक एक टुकड़ा अब निकाल रही हूँ।


ग़म के गहरायी में मैं डूबी रही सदियों

अब ज़िस्म को लहू में उबाल रही हूँ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy