STORYMIRROR

PRATAP CHAUHAN

Abstract Comedy

4  

PRATAP CHAUHAN

Abstract Comedy

सामान्य जिंदगी

सामान्य जिंदगी

1 min
181

छोड़ो यारो टेंशन वेंशन,

माइंड को अब करें फ्री।

आओ जुड़े एक मुहिम से,

बना दें उसे एक ग्रीन ट्री।


आज से हम बिना मास्क के,

कभी भीड़ में ना घूमेंगे।

मास्क लगाकर मुंह नाक पर,

हरदम मास्क को चूमेंगे।


एक सैनिटाइजर साथ रखेंगे,

किसी चीज को छूने पर उसे मलेंगे।

साबुन से हम हाथ को धोकर,

शिष्टाचार का अमल करेंगे।


तो अब बोलो कैसा कहा है,

अच्छा लगा या बुरा लगा है।

यदि हम हैं सुरक्षित देश सुरक्षित,

बाकी सब तो व्यर्थ सिला है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract