Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

दयाल शरण

Romance


3.5  

दयाल शरण

Romance


समन्वय

समन्वय

1 min 103 1 min 103

मुझसे मिलने

ख्वाब तुम्हारे

आये जब

तुम्हें पता है

मन को कितना

भाये तब

भीनी से मुस्कान

तुम्हारे चेहरे की

मन की अकुलित

पृष्ठभूमि पर

छाये तब

दौर देर से

आया फिर भी

आया तो

मौसम में अविरल

गतिमयता लाये तब

मुझसे मिलने

ख्वाब तुम्हारे

आये जब...


Rate this content
Log in

More hindi poem from दयाल शरण

Similar hindi poem from Romance