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दयाल शरण

Others

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दयाल शरण

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कहानी

कहानी

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एक कहानी 

ऐसी लिख दूं

जब कोई पढ़े 

सो मुस्काए


खुद से जुड़कर 

खुद को खोजे 

फिर जो पाए

तो जी जाए


एक कहानी ऐसी लिख दूं....


दर्द में खुशियां

झट से खोजे

पट से निर्झर

बन बह जाए


आंसू का 

खारापन पीकर

शहद सा मीठा

कर जाए


एक कहानी ऐसी लिख दूं....


कड़ी कड़ी बन

लता बना दे

फूल बने

महका जाए


संचित सौ 

संकल्प सही पर 

कुछ को जामा

पहना जाए


एक कहानी ऐसी लिख दूं....


तिनका तिनका

जोड़ रही उन 

चिड़ियों का

प्रकल्प मिले


जो सोए वह 

निश्चित जागे

रवि से आभूषित

रूप खिले 


एक कहानी ऐसी लिख दूं....



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