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दयाल शरण

Others

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दयाल शरण

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वो

वो

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कई दिनों से नाराज़ 

नहीं हुआ है वो

इतना चुप चाप

कभी नहीं रहा है वो


लोग चेहरे से 

उसे जानते थे

दिल का सच्चा 

हुआ करता था वो


कोई अड़चन 

जिसे समझते थे

पांव टेके किसी 

बांध सा खड़ा था वो


खबरें बाज़ार में 

बिका करती हैं

बिकने वाला 

कहां था वो


इतना चुप चाप

कभी नहीं रहा है वो

कई दिनों से .......



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