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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

शरारती

शरारती

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अति सुंदर है चेहरा तेरा,

उसे देखकर चांद शरमाता है,

चेहरे के मोह में डूबकर कमबख्त, 

हम भी शरारती बन जाते है।


बहुत तिरछे है तेरे नैना,

उसे देखकर घायल हम बन जाते है,

पलकों की भाषा समझकर कमबख्त,

हम भी शरारती बन जाते है।


बेशुमार है निखरता यौवन तेरा,

उसे देखकर हम मदहोश बन जाते है,

मतवाली तेरी चाल से कमबख्त,

हम भी शरारती बन जाते है।


गुलाबी कोमल हाथ है तेरा,

उसे देखकर चूमने को मन तड़पता है,

उंगलियों के इशारे देखकर कमबख्त,

हम भी शरारती बन जाते है।


मेहरबान बना है खुदा तेरा,

तू खुदा की कयामत मुझे लगती है,

तुझे दिल में बसाने के लिये कमबख्त,

हम भी शरारती बन जाते है।



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