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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

सावन की रिमझिम रातें

सावन की रिमझिम रातें

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सावन की रिमझिम रातें, चाँदनी का साथ है,
भीगी-भीगी इन फ़िज़ाओं में, दिल की बात है।

पायल के मधुर नाद संग, मौसम भी गुनगुनाए,
तेरी यादों की खुशबू से, मेरी महकती हर रात है।

बादल की ओट से झाँके, शरमाता सा चाँद,
तेरे मुखड़े की चमक में, कैसी यह सौगात है।

भीगी जुल्फों की छाँव तले, ठहर जाए ये पल,
धड़कनों की हर लय में, प्रेम की बरसात है।

रिमझिम बूंदों के संग-संग, मन भी झूम उठे,
तेरा साथ हो तो  जीवन में, मधुर जज़्बात है।

सावन की इन रातों को, दिल में सजा लिया,
“मुरली” ये मोहब्बत ही, सबसे हसीन बात है।

 रचना:-धनजीभाई गढीया"मुरली" (ज़ुनागढ-गुजरात)   


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