Gurminder Chawla
Comedy
खिलौने 2020
पापा आये - तूफान लाये
मम्मी आयी - भूचाल लायी
भईया आया - कोरोना लाया
दीदी आयी - टिड्डी लायी
सोच
नया साल
रोटी (कविता)
कसक
भूत (कविता )
दर्पण ( कविता...
60 साल (कविता...
बादल ( कविता...
छुटकारा (कवि...
कैदी
तू अगर बहू भी ले आएगी तो क्या हम बहन का भी विवाह करेंगे नहीं तू अगर बहू भी ले आएगी तो क्या हम बहन का भी विवाह करेंगे नहीं
वर्षा का स्वागत-- गीत अब के बरस भी ना उठ पाऐगी...... बिटिया की डोली ।कर्ज़ पाटने में गुज़रेगी ; ईद---... वर्षा का स्वागत-- गीत अब के बरस भी ना उठ पाऐगी...... बिटिया की डोली ।कर्ज़ पाटने...
बगल वाली अधेड़ औरत के जरा सा टच होते ही वह खा जाने वाली निगाहों से देखती थी बगल वाली अधेड़ औरत के जरा सा टच होते ही वह खा जाने वाली निगाहों से देखती थी
आखिरकार मैंने, कुछ शब्दो को धरदबोचा, और छंदों की गांठ मारी और किस्सों को पोटली में खोसा. मैंने इन स... आखिरकार मैंने, कुछ शब्दो को धरदबोचा, और छंदों की गांठ मारी और किस्सों को पोटली ...
अभी पूजा पाठ उठकर बाहर आया तो सामने यमराज को कुर्सी पर बैठा पाया। अभी पूजा पाठ उठकर बाहर आया तो सामने यमराज को कुर्सी पर बैठा पाया।
न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग
जनवासे में शोर मच गया दूल्हे के दूर का फूफा रूठ गया। जनवासे में शोर मच गया दूल्हे के दूर का फूफा रूठ गया।
दो पहिए की सवारी करना सीख ले हम भी। दो पहिए की सवारी करना सीख ले हम भी।
कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे। कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे।
बस काम ही काम, तनिक न आराम न अवकाश न चिकित्सा सुविधा या कोई भत्ता। बस काम ही काम, तनिक न आराम न अवकाश न चिकित्सा सुविधा या कोई भत्ता।
मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सबकुछ जानते हुए भी तु... मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सब...
तुम जिसे अपनी सफलता कहते हो और जिसका बखान करते थकते नहीं हो दरअसल वह तुम्हारा बेरंग और निष्ठुर होना ... तुम जिसे अपनी सफलता कहते हो और जिसका बखान करते थकते नहीं हो दरअसल वह तुम्हारा बे...
चलती का नाम गाड़ी बढ़ती का नाम दाढ़ी जो न रखे अनाड़ी चलती का नाम गाड़ी बढ़ती का नाम दाढ़ी जो न रखे अनाड़ी
एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई होने का फर्ज ठीक से ... एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई ...
रंग काला हममें जो मिला तो, खुद अपना रंग हम खो देंगे रंग काला हममें जो मिला तो, खुद अपना रंग हम खो देंगे
मैं भी किसी भूत से मिलना चाहता हूं "भूत कैसे बना" उससे जानना चाहता हूं । मैं भी किसी भूत से मिलना चाहता हूं "भूत कैसे बना" उससे जानना चाहता हूं ।
आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सांसों से ज्यादा जरूरत ... आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सां...
मैं उसके साथ अपनी मित्रता को बढ़ाने लगा। मैं उसके साथ अपनी मित्रता को बढ़ाने लगा।
बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता। बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता।
कविता मानव मन के समसामयिक द्वंदों पर आधारित है जिसमें कवि अपने अंतर्मन के भावनाओं और संलापों को अपने... कविता मानव मन के समसामयिक द्वंदों पर आधारित है जिसमें कवि अपने अंतर्मन के भावनाओ...