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Gurminder Chawla

Abstract Comedy Horror

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Gurminder Chawla

Abstract Comedy Horror

भूत (कविता )

भूत (कविता )

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भूत जोर जोर से मेरे सामने नाच रहा था

पर यह क्या यह तो आइटम डांस कर रहा था।


मुझे अचम्भा यह न था कि भूत मेरे सामने है

बल्कि अचम्भा यह था कि ये भूतनी नही भूत है।


फिर ये आइटम डांस क्यो दिखा रहा है

अब सवाल यह था उसने क्यो इतना पुराना गाना चुना

मैंने फटा फट उठ कर आईने मे अपना चहेरे देखा

फिर समझ मे आया इस उम्र तो यही डांस मिलता है

भूतनी नहीं, भूत से ही काम चलता है।


फिर भी घर से भूत को भागना तो था

"स्त्री कल आना " कहने वाली रस्म को निभाना तो था 


फिर भूत गाना छोड़ कर ऐक्टिंग पर उतर आया

मैं भी जल्दी भीतर से अपनी बीवी को ले आया


देखते ही भूत कूदा खिड़की से, भागा जल्दी से

और मेरी बीवी देख उसने शोर मचाया


अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया।


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