STORYMIRROR

Keyurika gangwar

Abstract Inspirational

4  

Keyurika gangwar

Abstract Inspirational

दीपावली

दीपावली

1 min
303

दीपावली पर हर राह जगमगाती रहे

दीपों की रोशनी जीवन में रहे।

छोटी-छोटी यह खुशियाँ जब भी मिलें।

बटोर लो मोती ,जो तुमको मिलें।

पटाखे की आवाज में ,कर दो अनसुना नफरत को।

फुलझड़ी के जैसे  सबके जीवन में भरो रोशनी को।

चकरी के जैसा ,यह जीवन तुम्हारा ।


घूमें गोल -गोल यह मनवा तुम्हारा। 

घूमें भले ही गोल -गोल  तुम ।

पर प्रकाशित करते  हृदय चले हम तुम।

दरवाजे पर रंगोली, करती है अठखेली।

उसके जैसे अपने, मेरे, तेरे सबके जीवन कर दो रंग रंगीली।

दीप श्रृंखला जब छत से देखे ,लागे  सुंदर और सजीली ।

हर मन को अति , हर्षायें प्रेम भरी दीपावली।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract