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Hardik Mahajan Hardik

Abstract

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Hardik Mahajan Hardik

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दिवाली की रोशनी में

दिवाली की रोशनी में

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दिवाली की रोशनी में, रोशन जगमगा उठेंगे,

खिलखिलाते चेहरों पर, मुस्कुराते ही मिलेंगे।


खुशियां ही खुशियां होंगी, हम जिन्हें बाटेंगे,

मुस्काते हुए चेहरे जब, खिलखिला उठेंगे।


रोशनी से हर घर देखना, नज़र से दिखेंगे,

नज़रों से देखते ही चेहरे, मुस्कुराते उठेंगे।


बेशक हमारी "हार्दिक", नज़र से खिले हुए,

चेहरे जगमगा रोशनी, में खिलखिला उठेंगे।


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