कुछ जज़्बातों को
कुछ जज़्बातों को
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कुछ जज़्बातों को उकेरना पड़ता है,
कभी जिंदगी को समझना पड़ता है,
कुछ शब्दों को बिखेरना पड़ता है,
और कुछ शब्दों को अपना बनाना पड़ता है,
हर लेखक को अपनी पहचान खुद से बनाना पड़ता है।
