कुछ जज़्बातों को
कुछ जज़्बातों को
1 min
76
कुछ जज़्बातों को उकेरना पड़ता है,
कभी जिंदगी को समझना पड़ता है,
कुछ शब्दों को बिखेरना पड़ता है,
और कुछ शब्दों को अपना बनाना पड़ता है,
हर लेखक को अपनी पहचान खुद से बनाना पड़ता है।
