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Dr. Pradeep Kumar Sharma

Comedy Classics Fantasy

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Dr. Pradeep Kumar Sharma

Comedy Classics Fantasy

आधुनिक गुरु वंदना

आधुनिक गुरु वंदना

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आधुनिक गुरु वंदना

हे गुरु मूल्यांकनकर्ता

पास हमको कीजिए।

शीघ्र सारे प्रश्नपत्रों को

हमको लिखवा दीजिए।


लीजिए शरण में हमको

हम दुष्ट-दुराचारी बनें।

बेईमान, रिश्वतखोर और

बड़े घोटालेबाज हम बनें।


इसीलिए पैदा हुए हैं हम

इन्हीं की तो संतान हैं।

इसी के खातिर मरें हम

वरदान ऐसा दीजिए।


हे गुरु मूल्यांकनकर्ता

पास हमको कीजिए।

इन्हीं का दरिया बहे

दिल में हमारे रात-दिन।


बाप बड़ा ना भैया

सबसे बड़ा रुपया मानें।

फिर तुम्हें भूलें नहीं हम

कुज्ञान ऐसा दीजिए।


हे गुरु मूल्यांकनकर्ता

पास हमको कीजिए।


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