STORYMIRROR

Anand Kumar

Drama

4.3  

Anand Kumar

Drama

रूह आज़ाद है तेरी

रूह आज़ाद है तेरी

1 min
413


बोल ले, जो लब आज़ाद हैं तेरे

लिख ले, अगर कलम आज़ाद है।


भर दे रंग कोरे कागज़ों पर,

जो सोच आज़ाद है तेरी।


फिर बिखेर दे उन रंगों को

जीवन में अपने,

जो रूह आज़ाद है तेरी।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama