Anand Kumar
Romance
उसकी हर 'ना'
मेरी प्रेरणा बनती है,
एक नई कविता के लिए।
सोचता हूँ, जो
कभी उसने 'हाँ 'कह दी,
तो क्या होगा ?
वो नज़्म
सुखदेव थापर
तुम मेरे बसंत...
कविताएँ हाला ...
।ये दिल नहीं ...
जग सुन्दर लगत...
उसकी 'ना'
उससे जुदाई
मैं तुमसा हो...
कितना प्यार क...
ये जो इंतेज़ार है तेरा सनम देख हम पेे कर रहे हैं सितम। ये जो इंतेज़ार है तेरा सनम देख हम पेे कर रहे हैं सितम।
तुम बिन - जग सूना जैसे पतझड़ का महीना। तुम बिन - जग सूना जैसे पतझड़ का महीना।
जबकि रोंगटे खड़े हो जाते एक हल्की सी आहट से जबकि रोंगटे खड़े हो जाते एक हल्की सी आहट से
वक्त उतना हैं, जितना की लिखा है, तुम्हारे, हमारे तक़दीर में। वक्त उतना हैं, जितना की लिखा है, तुम्हारे, हमारे तक़दीर में।
हर ख्वाब, हर रात, हर दिन हो जाए तेरे बता अब इस मोहब्बत को मुकम्मल कैसे मैं करूँ! हर ख्वाब, हर रात, हर दिन हो जाए तेरे बता अब इस मोहब्बत को मुकम्मल कैसे...
मेरे पहले प्यार की कविता हो तुम मेरे मुहब्बत का इंतहा हो तुम ! मेरे पहले प्यार की कविता हो तुम मेरे मुहब्बत का इंतहा हो तुम !
बीत गयी वो बात कभी, जो तेरे मेरे बीच हुई। बीत गयी वो बात कभी, जो तेरे मेरे बीच हुई।
हर लम्हा याद आ जायेगा गुजरे जमाने में तुम्हें ले जायेगा हर लम्हा याद आ जायेगा गुजरे जमाने में तुम्हें ले जायेगा
मैं, जोड़ूँ कुछ तिनके रूपी स्वप्न...! मैं, जोड़ूँ कुछ तिनके रूपी स्वप्न...!
तुम कहोगे साथ हूं मैं तुम्हारे उस दिन का इंतजार है मुझे। तुम कहोगे साथ हूं मैं तुम्हारे उस दिन का इंतजार है मुझे।
समझ नहीं पाते हो जब तुम एक नारी का अनछुआ मन। समझ नहीं पाते हो जब तुम एक नारी का अनछुआ मन।
भूले हुए यार को हमारा ख्याल तो आया। भूले हुए यार को हमारा ख्याल तो आया।
खिलौना तो खिलौना है खिलौना टूट जाता है! खिलौना तो खिलौना है खिलौना टूट जाता है!
मुझे भी प्यार करनेवाला महबूब चाहिए! मुझे भी प्यार करनेवाला महबूब चाहिए!
मुहब्बत की अधूरी ये कहानी छोड़ जाऊंगा। तुम्हारे नाम अपनी ये जवानी छोड़ जाऊंगा। मुहब्बत की अधूरी ये कहानी छोड़ जाऊंगा। तुम्हारे नाम अपनी ये जवानी छोड़ जाऊंगा...
कहना ज्यादा नही,"अर्पित" मेरा सारा प्रेम तुम्हारा है। कहना ज्यादा नही,"अर्पित" मेरा सारा प्रेम तुम्हारा है।
क्यूँ हो दूर सनम हम तुम्हें याद करते हैं! क्यूँ हो दूर सनम हम तुम्हें याद करते हैं!
चाहा था जिसे वह गुमनाम हो गई जो न चाहा था वही बात हो गयी! चाहा था जिसे वह गुमनाम हो गई जो न चाहा था वही बात हो गयी!
पर ऐ दोस्त ख़ुुद पे ऐतबार है हमे पर वो भी नही बे वफ़ा इतना है ऐतबार हमें। पर ऐ दोस्त ख़ुुद पे ऐतबार है हमे पर वो भी नही बे वफ़ा इतना है ऐतबार हमें।
तुम हो तो ज़िन्दगी है, तुम हो तो बंदगी है! तुम हो तो ज़िन्दगी है, तुम हो तो बंदगी है!