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Tanha Shayar Hu Yash

Drama Tragedy Thriller

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Tanha Shayar Hu Yash

Drama Tragedy Thriller

रोशनी से घर जलाता हूँ ।

रोशनी से घर जलाता हूँ ।

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रोशनी से घर जलाता हूँ मैं, 

अब तो अंधेरों में चैन पाता हूँ मैं,

मेरा ज़र्रा ज़र्रा उड़ता है हवा में, पर 

ज़मीं से लिपटकर ही चैन पाता हूँ मैं।


है अब राम से प्यारा रावण मुझको, 

अपना अंत खुद बनाता हूँ मैं,

राम ने मारा बाली को छुपकर, 

तभी बाली का भक्त कहलाता हूँ मैं।


न जाने कितनी गिरह बीत गई, 

बंद आँखों से देखता जाता हूँ मैं,

मैं भी टूटे साज का एक पुर्जा, 

खफ़ा होकर भी मुस्कुराता हूँ मैं।


मुझको चैन आता है वीरानो में, 

वहीं खुद से नजर मिलाता हूँ मैं,

तन्हाई की बेड़ियाँ मंज़ूर मुझको, 

तभी तो तन्हा कहलाता हूँ मैं।


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