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Akanksha Gupta (Vedantika)

Drama Romance


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Akanksha Gupta (Vedantika)

Drama Romance


बैठे हैं

बैठे हैं

1 min 186 1 min 186

नदी के तट पर दीप जलाएँ बैठे हैं

तेरे लौट आने की आस लगाएँ बैठे हैं


माँगी है दुआ तेरे दीदार की इस दिल ने

और हम अपनी नज़रों को झुकाएँ बैठे है


उठते रहे है तूफान अब तो ख़्वाहिशों के

हम जुम्बिश-ए-धड़कन को दबाएँ बैठे हैं


बुझा ना दे दीया उम्मीद का ये ज़माना 

हम तेरे नाम को अपना बनाएँ बैठे हैं


आज तलक़ जल रहे दीयो के साथ हम भी

जुदाई की आग को आँसुओं से बुझाएँ बैठे हैं।


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