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Phool Singh

Drama Classics Inspirational

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Phool Singh

Drama Classics Inspirational

सोच बडी़ बनानी है

सोच बडी़ बनानी है

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सोच-सोच का फर्क है बंधू

मनूष्य की कामयाबी में

एक काम में कमी निकालता

एक भरता उत्साह से।।


एक को होती नींद-आराम प्यारा

दुसरा रात-दिन जागे

उसकी लगन उसे ऊपर उठाती

जहाँ दुसरा भरा होता आलस से।।


चलते रहना ही जीवन कहलाता

उच्च, सोच से बदलता जीवन ये 

उम्र बडी़ नही, बडी़ जिंदगी चाहिए

नया परिवर्तन लाती सोच जो ले।।


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