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Phool Singh

Drama Classics Inspirational

4  

Phool Singh

Drama Classics Inspirational

जीवन में खुशियाँ

जीवन में खुशियाँ

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कहाँ से मन में खुशियाँ लाऐं

जब जिंदगी मे उलझन इतनी हो

सांस लेने की फुर्सत नही

न सोचने-समझने की शक्ति तन-मन में हो।।


नई सुबह होगी जीवन में

हर इंसान का ये सपना हो

हंसी-खुशी से जीऐगा जीवन

खुश, सृमिद्दि उन्नति उसके आंगन हो।।


वक्त-बेवक्त की कहनी-सुननी

कहाँ से मन में शान्ति हो

प्रेम भाव भी कहाँ से लाये

मची, उथल-पुथल उसके ह्दय हो।।


कहना-लिखना बडा़ सरल है

पर, आज के जीवन कटु सच ये हो

सबको संग में जो लेकर चलता

ऐसी, उसके संग ही घटना हो।।


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